मांगलिक दोष और उसके प्रकार, प्रभाव, उपाय- Manglik Dosh in Hindi

मांगलिक दोष क्या होता है?/ What is Manglik Dosha

मांगलिक दोष विवाह ज्योतिष में एक मान्यता है जो कहती है कि कुंडली में मंगल ग्रह के अशुभ स्थान पर या कुछ विशेष स्थितियों में जन्मे व्यक्ति को कुछ समस्याएं प्राप्त होती हैं। मान्यता के अनुसार, मांगलिक दोष/ Manglik dosh वाले व्यक्ति के विवाह में अनुकूलता और सुख की कमी हो सकती है। यह दोष प्रभावशाली होता है जब व्यक्ति की कुंडली/kundli में मंगल ग्रह कन्या, मेष, वृश्चिक या वृश्चिक राशि में स्थित होता है और कुंडली के अन्य ग्रहों के साथ योग्य संयोग नहीं होता है।

Manglik dosh/मांगलिक दोष को नष्ट करने के लिए कुछ उपायों का पालन किया जाता है जैसे कि मांगलिक पुरुष या मांगलिक स्त्री को कन्या राशि में शुक्र ग्रह के साथ विवाह करना, कुंडली में मांगलिक दोष के शांति के लिए पूजा-पाठ करना और धार्मिक आचार्य या पंडित से सलाह लेना। हालांकि, कृपया ध्यान दें कि ये सभी केवल मान्यताओं पर आधारित हैं और वास्तविकता में इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

मांगलिक दोष के प्रकार/ Types of Manglik Dosha

मांगलिक दोष के विभिन्न प्रकार होते हैं। यहां कुछ प्रमुख मांगलिक दोषों का उल्लेख किया गया है:

  1. आन्तरिक मांगलिक दोष: इसमें मंगल ग्रह कुंडली के पांचवें भाव में स्थित होता है, जो स्वास्थ्य, सामरिक और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकता है।
  2. शक्तिशाली मांगलिक दोष: इसमें मंगल ग्रह कुंडली के पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव में स्थित होता है, जो व्यक्ति के जीवन में भौतिक, भावनात्मक और नैतिक परेशानियों का कारण बन सकता है।
  3. विशेष मांगलिक दोष: इसमें मंगल ग्रह व्यक्ति की कुंडली के लग्न राशि, जीवनकारक ग्रह या चंद्र राशि में स्थित होता है, जो विवाहित जीवन और सामरिक संबंधों में विघ्न और समस्याएं पैदा कर सकता है।
  4. द्वन्द्व मांगलिक दोष: इसमें दो मंगल ग्रह एक साथ बैठते हैं, जो कुंडली में द्वितीय, शाती, सप्तम, अष्टम, नवम या द्वादश भाव में स्थित होते हैं। यह दोष विवाह में विघ्न और विवाद पैदा कर सकता है।
  5. पाप मांगलिक दोष: इसमें मंगल ग्रह कुंडली के बारहवें भाव में स्थित होता है, जिससे व्यक्ति को आर्थिक, स्वास्थ्य और विवाहित जीवन में समस्याएं हो सकती हैं।

कैसे जाने मंगल दोष के बारे में

मांगलिक दोष/ Manglik dosh के बारे में जानने के लिए-

कुंडली जांचें: आपकी जन्म कुंडली मांगलिक दोष के बारे में जानने के लिए प्रमुख संकेत दे सकती है। आप एक पंडित या ज्योतिषी के पास जाकर अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा सकते हैं।

  1. मंगल ग्रह की स्थिति देखें: मंगल ग्रह की स्थिति आपके जन्म कुंडली में विशिष्ट राशियों और भावों में देखी जा सकती है। कन्या, मेष, वृश्चिक और वृश्चिक राशि में मंगल की स्थिति मांगलिक दोष/ Manglik dosh की एक संभावित इंगित की तरह हो सकती है।
  2. लग्न राशि और मंगलिक दोष: जन्म कुंडली में आपकी लग्न राशि और मंगल ग्रह की स्थिति को देखकर आप जान सकते हैं कि क्या आप मंगलिक दोष रखते हैं। यदि मंगल ग्रह लग्न राशि में स्थित है, तो आपको मांगलिक दोष हो सकता है।
  3. ज्योतिषीय परामर्श: मांगलिक दोष के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक अच्छे और विश्वसनीय ज्योतिषी की सलाह लें। वे आपकी कुंडली का विश्लेषण करके आपको मांगलिक दोष के बारे में सही जानकारी और उपाय प्रदान कर सकते हैं।

मांगलिक दोष के प्रभाव/ Effects of Manglik Dosh

मांगलिक दोष के प्रभाव कई हो सकते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ मांगलिक दोष के प्रमुख प्रभाव:

  1. विवाह में विघ्न: मांगलिक दोष वाले व्यक्ति के विवाह में अनुकूलता और सुख की कमी हो सकती है। इसके कारण विवाह में विलम्ब हो सकता है और संबंधों में विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं।
  2. स्वास्थ्य समस्याएं: मांगलिक दोष के कारण व्यक्ति को स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि मांगलिक दोष वाले पुरुषों को चिकित्सा समस्याएं, बुखार, रक्त संबंधित रोग आदि हो सकते हैं।
  3. संबंधों में तनाव: मांगलिक दोष के व्यक्ति के विवाहित जीवन में संबंधों में तनाव और मानसिक तनाव हो सकता है। यह संबंधों में बाधाएं और उचित समझौते को प्रभावित कर सकता है।
  4. पारिवारिक मामलों में विघ्न: मांगलिक दोष के चलते पारिवारिक मामलों में विघ्न आ सकता है। यह प्रारंभिक विवादों और विभाजन की स्थिति का कारण बन सकता है।
  5. व्यापारिक दिक्कतें: मांगलिक दोष वाले व्यक्ति को व्यापार में दि

क्या 28 वर्ष की आयु पार करने के बाद मंगल दोष समाप्त हो जाता है?

नहीं, मांगलिक दोष/ Manglik dosh 28 वर्ष की आयु के बाद स्वतः ही समाप्त नहीं हो जाता है। मांगलिक दोष वाले व्यक्ति का प्रभाव जीवन भर रहता है। हालांकि, कुछ ज्योतिषी इस मान्यता का समर्थन करते हैं कि मांगलिक दोष का प्रभाव ज्यादा गहरा नहीं होता है या कम हो जाता है जब व्यक्ति की आयु 28 वर्ष से अधिक हो जाती है। इसका कारण यह माना जाता है कि मांगलिक दोष का प्रभाव बढ़ता है जब व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह अधिक प्रभावशाली होता है, और यह प्रभाव दीर्घकालिक भी हो सकता है।

मांगलिक दोष/ Manglik dosh के उपाय

मांगलिक दोष के उपाय निम्नलिखित हैं:

  1. मांगलिक व्रत: मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करने के लिए मांगलिक व्रत रखा जा सकता है। इस व्रत में सोमवार को चन्द्रमा की पूजा करें और मंगलवार को भगवान मंगल की पूजा करें।
  2. मंगल की पूजा: मंगल ग्रह की पूजा करने से मांगलिक दोष का प्रभाव कम हो सकता है। इसके लिए, मंगल ग्रह को समर्पित मंदिर में जाएं और उपचार, फूल, दीपक आदि से उनकी पूजा करें।
  3. कुंडली मिलान: एक मंगलिक व्यक्ति की शादी करने से पहले कुंडली मिलान करना उचित होता है। मांगलिक दोष वाले व्यक्ति की कुंडली का मिलान करके समझें कि उनकी कुंडली की अन्य गुण मिलते हैं या नहीं।
  4. मांगलिक यात्रा: मांगलिक दोष को निवारण करने के लिए मांगलिक यात्रा करें। विशेष धार्मिक स्थलों पर जाएं, जैसे कि मंगलनाथ मंदिर, मंगलवारी, त्र्यम्बकेश्वर मंदिर आदि।
  5. मंगल रत्न धारण करें: मांगलिक दोष को शांत करने के लिए मंगल रत्न, जैसे कि मूंगा या माणिक्य, धारण कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए जो आपकी कुंडली के आधार पर आपको उपयुक्त रत्न की सिफारिश कर सकेगा।

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