वास्तु शास्त्र के बारे में पूरी जानकारी

वास्तु एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है जो आपके आस-पास के पर्यावरण के साथ संगठन और संतुलन के माध्यम से आपकी जीवनशैली और ध्येयों को समृद्ध करने का उद्देश्य रखता है। वास्तुशास्त्र/ Vastu Shastra के अनुसार, हर वस्तु, जगह और निर्माण का एक ऊर्जा स्तर होता है जिसे ‘वास्तु ऊर्जा’ कहा जाता है और इस ऊर्जा का आपके जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। वास्तुशास्त्र के माध्यम से आप अपने घर या कार्यस्थल को विशेष तरीके से अभिव्यक्त करके इस ऊर्जा को शुद्ध, सकारात्मक और समतुल्य बना सकते हैं।

वास्तु/ Vastu के नियमों और सिद्धांतों के आधार पर, स्थान की व्यवस्था, समग्रता और उचित दिशा में निर्माण, उपयोग के लिए समारंभ और समरसता के माध्यम से सभी पहलुओं को सम्पूर्ण करने का प्रयास किया जाता है। वास्तुशास्त्र/ Vastu Shastra में ध्यान दिया जाता है कि स्वास्थ्य, सौभाग्य, समृद्धि और शांति का जीवन का माध्यम केवल आपके वातावरण का आपसी संबंध होता है।

वास्तु शास्त्र में घर के लिए वास्तु/ Vastu का महत्व

प्रमुखता से जानने के लिए, यहां घर के लिए वास्तु के महत्व के बारे में उपशीर्षक हैं:

  1. ऊर्जा का संतुलन: वास्तु शास्त्र/ Vastu Shastra का प्रमुख मूल्यांकन ऊर्जा के संतुलन पर होता है। यह कहता है कि घर का सही वास्तु उचित ऊर्जा के प्रवाह को प्रोत्साहित करता है, जो स्थान को पूर्णता, समृद्धि और संतोष देती है। इससे परिणामस्वरूप, घर में खुशहाली और सकारात्मकता का वातावरण उत्पन्न होता है।
  2. स्वास्थ्य और आरोग्य: सही वास्तु/ Vastu के अनुसार निर्मित घर में रहना आरामदायक और स्वास्थ्यप्रद रहता है। इसके अनुसार घर की व्यवस्था और दिशा बाहरी और आंतरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है और शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करती है।
  3. धन और समृद्धि: वास्तुशास्त्र/ Vastu Shastra में धन और समृद्धि को आकर्षित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। उचित वास्तु के अनुसार निर्मित घर में धन का उदय होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। यह वास्तुशास्त्र के माध्यम से धनवान और आर्थिक स्थिति में समृद्धि प्राप्त करने की संभावनाएं प्रदान करता है।
  4. परिवारिक समन्वय: वास्तु के अनुसार घर की योजना और व्यवस्था परिवारिक समन्वय को प्रोत्साहित करती है। एक सुखी और समृद्ध परिवार के लिए घर की वातावरण में समरसता और सहयोग होना आवश्यक होता है।

घर में सकारात्मक ऊर्जा कैसे लाएं

  1. प्रवेश द्वार:

  • आपके घर के प्रवेश द्वार को सुंदर और आकर्षक बनाएं।
  • उचित प्रकाश और सुंदर वस्तुओं का उपयोग करें।
  1. स्वच्छता और सुगंध:

  • घर को साफ-सुथरा रखें और अपशिष्ट या अवशिष्ट सामग्री को निकालें।
  • यूज किए जाने वाले वस्त्रों या देने-लेने के वस्त्रों को निकालें।
  • घर में सुगंधित धूप या अरोमा लैंप का उपयोग करें।
  1. उचित वस्तुएं:

  • सही वास्तु के अनुसार घर में पौधे, फूल और प्राकृतिक वस्तुएं रखें।
  • घर की सजावट में रंगीन पुतले या आभूषण शामिल करें।
  1. ध्यान और पूजा का स्थान:

  • एक ध्यान और पूजा का स्थान घर में निर्मित करें।
  • वहां शांति और सुकून के लिए ध्यान और मेधावी गतिविधियों को करें।
  1. प्रकाश और वायु:

  • घर में प्राकृतिक प्रकाश को प्रवेश करने दें।
  • अच्छी हवा के लिए वेंटिलेशन और खिड़कियों का उपयोग करें।
  1. नकारात्मक ऊर्जा को दूर करें:

  • घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगा, मेडिटेशन और प्राणायाम करें।
  • अज्ञात या नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए रुद्राक्ष, प्राण प्रतिष्ठा और मंत्र जप का उपयोग करें।
  1. मुद्राएँ और चिह्न:

  • घर में मुद्राएँ और चिह्नों का उपयोग करें जो सकारात्मकता को प्रोत्साहित करते हैं।
  • स्वस्थ और प्रोग्रेसिव चिह्नों का उपयोग करें जैसे कि आंत्रे, स्वस्थ्य पौधे, धन यंत्र, आदि।
  1. आवाज़ और संगीत:

  • घर में सकारात्मक आवाज़ और संगीत का उपयोग करें।
  • मंत्र, श्लोक, और ध्यान ध्वनि सुनें जो मन को शांति और प्रसन्नता प्रदान करें।
  1. ग्राह्य और आदर्श विचार:

  • घर में सकारात्मक ग्राह्य विचारों को धारण करें।
  • प्रेरक किताबें, प्रेरणादायक पोस्टर और उद्धरण शामिल करें।
  1. पर्यावरण संरक्षण:

  • पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखें।
  • पेड़-पौधों को लगाएं और प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करें।

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